श्रीरामपुर में अपराधियों के छूटे पसीने! पुलिस अधीक्षक ‘एक्शन मोड’ में; जनता दरबार में मौके पर ही शिकायतों का निपटारा

*अहिल्यानगर :*
“जिले में केवल कानून का राज चलेगा और आम जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस हमेशा मुस्तैदी से उनके साथ खड़ी है,” यह सख्त चेतावनी और भरोसा अहमदनगर के पुलिस अधीक्षक श्री मुम्मका सुदर्शन ने श्रीरामपुर वासियों को दिया। श्रीरामपुर शहर में आयोजित एक विशेष ‘जनता दरबार’ में पुलिस अधीक्षक ने खुद सीधे जनता की समस्याओं और शिकायतों को सुना। कई जटिल मामलों में तुरंत कार्रवाई के आदेश देकर उन्होंने पुलिस का खौफ और विश्वास दोनों एक साथ साबित कर दिखाया।
पुलिस अधीक्षक के इस आक्रामक और संवेदनशील ‘एक्शन मोड’ के कारण इस समय पूरे जिले में पुलिस के प्रति सम्मान की लहर दौड़ गई है।

*जनता के दरबार में पुलिस प्रमुख की सीधी एंट्री!*
श्रीरामपुर शहर और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए खुद पुलिस अधीक्षक मैदान में उतरे थे। इस जनता दरबार में आम नागरिकों, महिलाओं और बुजुर्गों ने अपनी लंबित शिकायतें, उत्पीड़न और स्थानीय समस्याएं सीधे पुलिस प्रमुख के सामने रखीं। बिना किसी बिचौलिए के, आम लोगों की फरियाद सुनते समय पुलिस अधीक्षक का संवेदनशील चेहरा देखने को मिला।
*तत्काल आदेश; अधिकारियों में मची खलबली*
सिर्फ शिकायतें सुनने तक ही सीमित न रहते हुए, श्री मुम्मका सुदर्शन ने संबंधित पुलिस थानों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और सख्त निर्देश दिए कि “इन शिकायतों पर तुरंत और कानूनी कार्रवाई करें, किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उनके इस ताबड़तोड़ आदेश से पुलिस महकमे में खलबली मच गई, वहीं पिछले कई सालों से न्याय की आस में बैठे नागरिकों के चेहरों पर संतोष देखने को मिला।
“कानून का राज है और रहेगा!”
जनता दरबार में नागरिकों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा:
> “आम नागरिक को भयमुक्त माहौल देना हमारा कर्तव्य है। अपराधियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। श्रीरामपुर शहर के निवासियों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी ताकत के साथ आपके पीछे खड़ी है। पुलिस और जनता के बीच की दूरी को मिटाना ही इस जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य है।”
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*पूरे जिले में तारीफों की बौछार*
जब खुद जिले का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी सीधे जनता के बीच आकर उनकी समस्याएं सुलझा रहा है, तो श्रीरामपुर के लोगों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। पुलिस अधीक्षक की इस मुहिम और मुस्तैदी के कारण नागरिकों का पुलिस पर भरोसा बेहद बढ़ गया है। “पुलिस हमारी मित्र और रक्षक है” इस भावना का अहसास अब पूरे जिले को हो रहा है। श्री मुम्मका सुदर्शन की इस ‘धमाकेदार’ कार्यशैली की चर्चा अब पूरे अहमदनगर जिले में जोरों पर है।